अब मिला हूँ तुम से

तुम्हे बताऊँ कितना इंतज़ार था मुझे
इस आने वाली घडी से कितना प्यार था मुझे
जब आया है ये वक़्त तो गवाऊँ कैसे
अब मिला हूँ तुम से तो बिछड़ जाऊं कैसे

नाउम्मीद ना होने दिया इस दिल को मेने
किस तरह ढूंढा है साहिल को मेने
चाहत की उस इंतहां को जताऊं कैसे
अब मिला हूँ तुम से तो बिछड़ जाऊं कैसे

एक वादा किया था खुद से पाना है तुम्हे
ख्वाबों से हकीकत में लाना है तुम्हे
तुम्ही बोलो वादे से मुकर जाऊं कैसे
अब मिला हूँ तुम से तो बिछड़ जाऊं कैसे

प्रणय

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