लड़का कवि है !

सुंदर सुशील बंदा नाम रवि है

बाकी सब कुछ ठीक है बस लड़का कवि है !

 

रिशतेदारों ने पूछा कि लड़का क्या है करता

आखिर अपना पेट कैसे है भरता

कहा घर वालों ने कि वो बनाता है ऊंची इमारतें ख्वाबों के रंगों से

पर architect नहीं है

ज़ख़्मों को कुरेद कर फिर मरहम भी लगाता है

पर doctor है ये भी fact नहीं है

वो चलाता है दुनिया को अपनी कल्पनाओं के पहियों पर

पर वो driver नहीं है

Virtual सपनों से cloud कि सैर कराता है

पर software engineer नहीं है

प्यार के सौदों मे महारत है हासिल

पर business man नहीं है

तारीफ़ों के पूल क्या खूब बनाता है

पर किसी का secretary या fan नहीं है

कभी जानता है सब कुछ तो कभी सब से अजनबी है

बाकी सब कुछ ठीक है बस लड़का कवि है !

 

लिखता रहता है अजीब सी बातें लय और छंद मे पिरोते हुये

बिताता है रातें जागते और दिन सोते हुये

अक्सर जवाब देता है अनसुने मुहावरों में

गिनती है उसको दुनिया लेखक, क़व्वाल, शायरों में

यूं तो सुधरा हुआ है पर बिगड़ी हुई छवि है

बाकी सब कुछ ठीक है बस लड़का कवि है !

 

कमाई के नाम पर कुछ आलोचक और कुछ प्रशंसक हैं

बचत के नाम पर दो कलम और कुछ पुराने कागज़ हैं

आँखों मे है खामोशी पर दिल मे आँधियाँ दबी हैं

बाकी सब कुछ ठीक है बस लड़का कवि है !

 

प्रणय

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