एक try तो बनता है !

वो स्वर्ग की अप्सरा मैं नर्क का चोकीदार

पर कुछ भी बोलो यारों ये प्यार है प्यार

इसलिए एक try तो बनता है !

वो बेमिसाल शायरी किसी मशहूर शायर की

मैं अधूरी आशिकी किसी बदनाम शायर की

वो लहराती छलकाती कोई नदिया

मैं सूखा हुआ एक तालाब

वो फूलों का बाग जिसमे आई हो बहार

मैं पातझड़ का मौसम जैसे रेगिस्तान उजाड़

पर कुछ भी बोलो यारों ये प्यार है प्यार

इसलिए एक try तो बनता है !

वो कमाल मैं बवाल

वो मस्त मैं बेहाल

वो सुंदर मैं बंदर

वो हीरा मैं पत्थर

वो आसमान मैं ज़मीन

वो तारीफ मैं तौहीन

वो नज़ाकत मैं शरारत

वो सुकून मैं कयामत

वो सुबह की मुस्कान मैं शाम का इंतज़ार

मैं सुबह का आलस वो शाम का सिंगार

पर कुछ भी बोलो यारों ये प्यार है प्यार

इसलिए एक try तो बनता है !

प्रणय

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