छन-छन पायल धक-धक धड़कन

चंचल गोपी नृत्य निराला, कान्हा मन ललचाए
छन-छन पायल धक-धक धड़कन सब घुलमिल हो जाए

बजे बांसुरी शांत पवन में, सुन्दर मुख या माया
स्वच्छ लालिमा पूर्व दिशा में पीताम्बर है छाया
कदम्ब के पत्तों से जब छन-छन किरणे आये
छन-छन पायल धक-धक धड़कन सब घुलमिल हो जाए

राधा के नैनों सा रंग लिए तन-मन में
रास रचाए कन्हय्या, राधा मन आँगन में
हिरनी सी जो चले राधिका , नदिया सी लहराए
छन-छन पायल धक-धक धड़कन सब घुलमिल हो जाए

हरी चूड़ियाँ, शिखा है लम्बी, ह्रदय अटूट ये बंधन
राधा का कण-कण है अर्पित, कृष्ण भाल का चन्दन
श्याम मेघ जो देख-देख कर, मयूर मन मुस्काए
छन-छन पायल धक-धक धड़कन सब घुलमिल हो जाए
प्रणय

Advertisements

9 thoughts on “छन-छन पायल धक-धक धड़कन

  1. बहुत ही बढ़िया

    आपको महिला दिवस और होली की सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएँ।

  2. छन-छन पायल धक-धक धड़कन सब घुलमिल हो जाए :) ………… बहुत खूब !

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s