उसने मेरी खातिर………..

कोई दुखी है मेरे लिए इसलिए मै अक्सर खुश रहता हूँ
कोई रोता है मेरे लिए इसलिए मै हँसता हूँ
कोई चुप है मेरे खातिर इसलिए मै बोलता हूँ
कोई सिर्फ मुझे चाहता है इसलिए मै सब को चाहता हूँ
कोई पल-पल मेरे लिए मरता है इसलिए मै पल-पल जीता हूँ

ताकि उसकी आशाओं को मंजिल मिले
उसकी खामोश लहरों को साहिल मिले

उसने मेरे लिए आँखें बंद की है इसलिए मै इस जहाँ को देखता हूँ
उसने मेरे लिए छोड़ा है सब कुछ इसलिए मै दुनिया को साथ ले के चलता हूँ
उसने मेरी खातिर अपनी बाहें बांध रखी है इसलिए मै बाहें फैला के उड़ता हूँ
उसने मेरी खातिर हर राह बंद कर ली इसलिए मै मुमकिन हर राह खोलता हूँ
उसने अपनी हर ख्वाहिश को दबाया है इसलिए मै सितारों की ख्वाहिश रखता हूँ

ताकि उसकी इच्छाओं की लौ को उजाला मिले
उसके बाग़ का हर फूल फिर से खिले

उसने मेरी हर मुसीबत को ले लिया ताकि मै गा सकूँ ख़ुशी से
उसने हर तूफ़ान को अपने सीने में जगह दी ताकि मै जान सकूँ सुकून क्या चीज़ है
उसने मेरी राह के हर पत्थर को काट दिया ताकि मै बह सकूँ एक नदी की तरह
उसने खुद को गहराइयों में रखा ताकि नींव मजबूत हो मेरी ऊँचाइयों की

ताकि मुझे वो सब मिले जो उसे न मिला
मै वो जिंदगी जियूं जो वो न जी सका
प्रणय

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