अच्छी लगती है !

पत्तों पर बारिश की बूंदें अच्छी लगती है !
तेरी भोली सी मीठी सी बातें अच्छी लगती है !

नथनी का वो छोटा सा हीरा
आँखों में जिसकी चमक है सुन्दर
उस पर ये प्यारी मुस्कान भी अच्छी लगती है !

पैरों में चाँदी की पायल
हाथों में वो लाल चूड़ियाँ
बालों की लम्बी सी चोटी अच्छी लगती है !

सावन में भीगी सी पलकें
आँखों में गहराई छलके
मन मोहक मासूम सी सूरत अच्छी लगती है !

कोमल कोमल बदन है तेरा
बोली है कोयल के जैसी
रूठ जाती है जब तू हम से अच्छी लगती है !

माथे पर दीपक सी बिंदिया
होंठों पर पूरब की लाली
चाल तेरी वो हिरनी जैसी अच्छी लगती है !
                                   प्रणय

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