ये मजनू हैं !

ये मजनू हैं, ये रांझे हैं, रोमियों है ,फरहाद है ये
कुछ कहते है बर्बाद है ये, पर हम कहते आबाद है ये

गलियां इन से है रोशन ,बाज़ारों की रोनक है ये
हर राह,मोहल्ले,चौराहे,शापिंग माल्स की जान है ये
कुछ ख़ास ये इनकी निशानी है, सीटी है छेड़ाखानी है
चाहे बच्ची है या नानी है,हर बात में एक कहानी है
हर लड़की के दिल से निकली,एक छोटी सी फरियाद है ये
कुछ कहते है बर्बाद है ये, पर हम कहते आबाद है ये

पावडर, लिपस्टिक,परफ्यूम बिकते है इनके कारण ही
उदास-उदास चेहरे खिलते है इनके कारण ही
हर लड़की के बारे में इनका observation keen है
खूबसूरती की तारीफ़ न करना समझते ये तौहीन है
हर जुमले की,हर शायरी की वाह-वाह करती दाद है ये
कुछ कहते है बर्बाद है ये पर हम कहते आबाद है ये

ये तिल का ताड़ बनाते है, राई का पहाड़ बनाते है
चड़ना आये या न आये ,चने का झाड़ चढाते है
ये साहसी है ,ये अलबेले , ये हर खतरे से यूँ खेले
इनकी वाणी में जादू है और सूरत जैसे साधू है
ये हवा में उड़ते परिंदे है हर सरहद से आज़ाद है ये
कुछ कहते है बर्बाद है ये पर हम कहते आबाद है ये
                                         प्रणय

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